Poetry Episode 53: 'दिल नि:शब्द हो गया है' Hindi Poetry by Chitra Roy
OCT 30, 2021
Description Community
About
जब हम कुछ अपनाने के लिए बहुत ज़्यादा बेचैन रहते है तो यकिन मानिए वो हमशे उतना ही दूर चला जाता है लेकिन जब वो हलचल शान्त हो जाती है तो सबकुछ बिन चाहे ही मिल जाता है। #chitraroy
Comments